देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बने एकमात्र इंडोर रिंक का जिम्मा अब सरकार ने अपने पास ले लिया है। इससे पहले एक निजी कंपनी इसका संचालन कर रही थी। 13 साल से बदहाल पड़े साउथ-ईस्टर्न एशिया के एकमात्र आइस स्केटिंग रिंक के खुलने की उम्मीद जगी है और इस खेल विभाग के सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। आपको बता दें कि 2011 में साउथ-ईस्टर्न एशियन विंटर गेम्स के लिए 80 करोड़ की लागत से इस आइस स्केटिंग रिंक को बनाया गया था। इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका ने हिस्सा लिया था। सिर्फ एक आयोजन के बाद यहां न कोई प्रतियोगिता हुई और न ही यहां कोई खिलाड़ी अभ्यास करता है। ऐसे में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए बने इस रिंक का लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रहा था।
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