उत्तराखंड विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र आगामी 21 अगस्त से गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित किया जाएगा। मानसून सत्र की अवधि को लेकर उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि तीन दिनों में राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होना एवं विपक्ष द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होना संभव नहीं है। सरकार जनता के प्रति जवाब देने से बचने का काम कर रहीं है। मानसून सत्र तीन दिनों का है, जबकि विधानसभा नियमावली में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि सरकार को एक वर्ष में 60 दिनों तक सत्र चलाना चाहिए। सत्र की अवधि अधिक होने से महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सके और जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो। परन्तु सरकार के ये हाल हैं कि वो पांच वर्ष में भी 60 दिन सत्र आहूत नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बजट सत्र को भी तीन दिनों में ही समाप्त कर देती है, जबकि बजट सत्र अन्य राज्यों की तर्ज़ पर कम से कम तीन सप्ताह चलाना चाहिए। विधानसभा के मानसून सत्र के लिए स्थान और तिथि तय कर दी है। मानसून सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में होगा। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में तीन दिवसीय सत्र पर संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल का कहना है कि उत्तराखंड में विपक्ष की 10 साल सरकार रही तो क्या विपक्ष ने सत्र को 60 दिन तक चलाया, जबकि कांग्रेस और कांग्रेसी नेताओं को पता है कि सरकार के पास सत्र के दौरान जो बिजनेस होता है उसी आधार पर सत्र का भी निर्धारण होता है।
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