रिवर्स पलायन को लेकर धामी सरकार खेलेगी मास्टर स्टोक
उत्तराखंड में धामी सरकार के 4 साल पूरे हो चुके हैं। सरकार ने जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत आम जनता की समस्याएं सुनकर उनको सरकारी लाभ दिया जा रहा है। साथ ही, पहाड़ों की मुख्य समस्या पलायन को रोकने के लिए भी धामी सरकार ने प्रभावशाली कार्य किया है और अब एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग ने 4 वर्षों में पलायन रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए कई उच्च स्तरीय कार्य किए हैं। 4 वर्षों में 6 हज़ार से अधिक लोगों ने रिवर्स पलायन कर अपने गांव में स्वरोजगार शुरू किया है। अब धामी सरकार 24 अप्रैल से टिहरी जिले से प्रवासी पंचायत का आयोजन कर रही है, जिसका उद्देश्य प्रवासियों को उनके गांव वापस आने के लिए प्रेरित करना और सरकारी योजनाओं का लाभ देकर रोजगार प्रदान करना है।आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रवासी पंचायत आयोजित की जा रही है, जिससे प्रवासियों को प्रेरित किया जा सके। रिवर्स पलायन के अच्छे परिणामों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पहाड़ों में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देना है। प्रवासी पंचायत में अपने गांव में स्वरोजगार कर रहे प्रवासियों को अन्य लोगों को प्रेरित करने के लिए बुलाया जाएगा, ताकि वे भी वापस आकर स्वरोजगार शुरू करें। कोविड काल में अपने गांव लौटे प्रवासियों ने स्वरोजगार को अपनाया है और अच्छा काम कर रहे हैं। धामी सरकार के इस पहल से उत्तराखंड के गांव फिर से गुलज़ार होंगे और पहाड़ी लोगों को दूर जाकर नौकरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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