देहरादून के रायपुर थाने में पुलिस कस्टडी के दौरान पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हवालात में कंबल का फंदा लगाकर आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है। एसएसपी देहरादून ने थानेदार समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है और मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
मृतक सुनील रतूड़ी पीआरडी में तैनात थे और शनिवार दोपहर लाडपुर स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के बाद भुगतान नहीं करने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। जिला चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर ने बताया कि जब पुलिसकर्मी सुनील रतूड़ी को लेकर पहुंचे, तो उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने कहा कि जैसे ही सुनील को लाया गया, हमने तुरंत उनकी जांच की, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
एसपी ग्रामीण जया बलूनी ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता है कि मामले की जांच कराई जाए और सच सामने आए। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच और ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि मामले की पूरी जांच हो सके और दोषियों को सजा मिल सके।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और उन्हें सूचना नहीं देने का आरोप लगाया है, जो एक गंभीर मामला है। सुनील रतूड़ी के परिजनों का कहना है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो शायद सुनील की जान बचाई जा सकती थी। मृतक की पत्नी ने कहा कि हमको नहीं पता था कि मेरा पति थाने में हैं, अगर पता होता तो हम उन्हें बचाने की कोशिश करते। वहीं मृतक की साली ने कहा कि पुलिस ने हमें उनकी मौत की सूचना नहीं दी, हमको पता ही नहीं चला कि क्या हुआ है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता है कि मामले की जांच कराई जाए और सच सामने आए।
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पुलिस ने लापरवाही की? क्या सुनील रतूड़ी को उचित इलाज नहीं मिला? इन सवालों का जवाब अब मजिस्ट्रेट जांच और ज्यूडिशियल जांच में ही मिलेगा।
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