उत्तराखंड सरकार ने वैश्विक ईंधन संकट और बढ़ती महंगाई के बीच ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए 8 बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन फैसलों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर उत्तराखंड ने भी छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों से राष्ट्रीय प्रयास में सहयोग का फैसला लिया है। सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा मिलेगा। निजी क्षेत्र में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। लोगों से सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित होगा। उसी दिन मंत्री और अधिकारी घर से ही काम करेंगे। सरकारी और निजी भवनों में AC का इस्तेमाल भी सीमित होगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, वो एक दिन में अधिकतम एक ही वाहन इस्तेमाल करेंगे। परिवहन विभाग को बस सेवाएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। नए सरकारी वाहनों में 50% वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। राज्य में EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार प्राथमिकता पर होगा। सरकारी विदेश यात्राओं पर रोक लगेगी। ‘Visit My State’ अभियान के तहत धार्मिक, वेलनेस, इको-टूरिज्म सर्किटों का प्रचार होगा। डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस दी जाएगी।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘Made in State’ अभियान चलेगा। सरकारी खरीद में ‘Make in India’ नियमों का सख्ती से पालन होगा। नागरिकों से एक साल तक सोने की खरीद सीमित करने की अपील की गई है। स्कूल, अस्पताल, सरकारी कैंटीन में तेल के इस्तेमाल की समीक्षा होगी। होटल, ढाबों को लो-ऑयल मेन्यू अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। PNG कनेक्शन मिशन मोड में बढ़ेंगे। PM सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नेचुरल और जीरो बजट फार्मिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। माइनिंग, सोलर और पावर प्रोजेक्ट की मंजूरी 60 दिन में देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में HPC गठित होगी।
सरकार का दावा है कि इन फैसलों से राज्य पर आर्थिक दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
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