– हिमालयी क्षेत्रों में मौजूद हिमनद झीलों को लेकर केंद्र सरकार काफी संवेदनशील है। इसके लिए 150 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, जिससे एक्सपर्ट की टीम इन जिलों का अध्ययन करने के साथ-साथ ट्रीटमेंट करेगी। इसी कड़ी में अन्य राज्यों की तरह ही उत्तराखंड में भी पांच हिमनद झीलों के अध्ययन के लिए कहा गया है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में हिमनद झील विस्फोट जनित बाढ़ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी है।
विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर खतरे का आकलन करेगी। झीलों और निचले इलाकों में स्वचालित मौसम और जल स्तर के लिए निगरानी स्टेशन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित करेगी।उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि प्रदेश में पांच हिमनद झीलों को संवेदनशील और अति संवेदनशील कैटेगरी में रखा गया है और एक झील के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजी जा रही है। बरसात के बाद बाकी हिमनद झीलों के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजी जाएगी और उनके रिपोर्ट के अनुसार ही आगे कार्यवाही की जाएगी।
बता दें कि भारत के हिमालयी क्षेत्रों में 7,500 हिमनद झीलें हैं और एनडीएमए ने उनसे उत्पन्न खतरे को कम करने के उपायों के लिए 189 उच्च जोखिम वाली झीलों की सूची को अंतिम रूप दिया है।
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