उत्तराखंड सरकार ने इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में आयोजित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में इको टूरिज्म के विकास के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं
– *इको टूरिज्म पॉलिसी*: ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग के लिए एक इंटीग्रेटेड पॉलिसी तैयार की जाएगी। इस पॉलिसी को 15 जनवरी तक फाइनल कर लिया जाएगा।
– *नई चोटियां खोलने की तैयारी*: ट्रैकिंग के लिए नई चोटियां खोले जाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके लिए पर्यावरण ऑडिट सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
– *चौरासी कुटिया का जीर्णोद्धार*: चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द ही पूरा किया जाएगा। कार्यदायी संस्था को समय से कार्य पूरा करने के लिए लक्ष्य दिए गए हैं।
– *जबरखेत मॉडल को अन्य स्थलों पर लागू करने की योजना*: जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू किया जाएगा। संभागीय वन अधिकारियों को अपने क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए टास्क दिया गया है।
*इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम:*
– *इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को मजबूत करने की योजना*: इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को मजबूत करने, मैन पावर बढ़ाने और बजट में प्रावधान करने की बात कही गई है।
– *प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना*: प्रदेशभर में पर्यटन के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
इन निर्णयों से उत्तराखंड में इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन उद्योग को भी फायदा होगा।
+ There are no comments
Add yours