एमएसपी गारंटी कानून और कर्ज माफी पर आज भी कोई हल निकलने की उम्मीद नहीं॥ सरकार और आंदोलनकारी किसान के बीच रविवार को होने वाली वार्ता में फिलहाल एमएसपी की गारंटी का कानून और कर्ज माफी पर कोई आश्वासन मिलने के आसार नहीं हैं। दरअसल अगले ३२–३४ दिनों में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की संभावना है। इस समय पंजाब‚ हरियाणा में जगजीत सिंह ड़ल्लेवाल के नेतृत्व वाला संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) और सरवन सिंह पंढेøर के नेतृत्व वाला किसान मजदूर मोर्चा आंदोलन कर रहा है। इन दोनों किसान संगठनों की १४ सदस्यीय कोर कमेटी के साथ ही सरकार की वार्ता हो रही है॥।आंदोलनकारी किसानों को सरकार सिर्फ पुराने (पिछले आंदोलन वाले) केस वापस लेने का आश्वासन दे सकती है। उधर चुनाव करीब होने से किसान नेताओं के लिए भी आंदोलन लंबा खींचना मुश्किल है। दोनों पक्षों में एक तरह से यह सहमति बन गई है किसान दिल्ली की तरफ नहीं बढ़ेंøगे और पुलिस किसानों पर कार्रवाई नहीं करेगी। उक्त नेता ने ही बताया कि किसान नेता आंदोलन को लंबा खींचने की स्थिति में नहीं हैं‚ और यही वजह है कि आंदोलन को स्थगित करने का मार्ग तलाशा जा रहा है। वह हर बैठक में यही बात कहते हैं कि एनड़ीए सरकार ने किसानों को सबसे ज्यादा एमएसपी दी है‚ वह इस बारे में हर बार आंकड़़ों के साथ दी गई धनराशि भी बताते हैं॥
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