केदारनाथ विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होना है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशी इस चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। केदारनाथ की विधायक शैला रानी रावत के निधन के बाद यह सीट खाली हुई है। इसी वजह से यहां उप चुनाव हो रहा है। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को लेकर कहा कि उन्होंने 2002 और 2007 में विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व किया है। यहां पर उन्होंने कोई कार्य नहीं किए। इसके बाद 2017 में वह निर्दलीय चुनाव लड़ीं इसकी वजह से भाजपा प्रत्याशी की हार हुई। इसके साथ-साथ 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को हराने के लिए काम किया। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने केदारनाथ क्षेत्र में हुए कई अहम विषयों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इतना ही नहीं महिलाओं के साथ तमाम तरह के मामले सामने आए और उसमें भी वह चुप रही हैं।
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