उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से बार-बार यह दावा किया जा रहा है कि सब कुछ व्यवस्थित है और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस की ओर से लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कटघरे में खड़ा किया है। प्रदेश के डीजीपी अभिनव कुमार ने राजनीतिक दलों की ओर से कानून व्यवस्था को लेकर चिंता को जायज ठहराया है और उन्होंने अपील की है कि राजनीतिक दल अपने पुलिस प्रशासन के ऊपर भरोसा रखें। डीजीपी के इस बयान पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने एतराज जताते हुए कहा कि डीजीपी राजनीतिक दलों को यह न सिखाएं कि राजनीतिक दल को किस तरह से बयान देना है। उन्होंने तमाम ऐसे विषय उठाते हुए कानून व्यवस्था की असफलता का हवाला देकर पुलिस प्रशासन और सरकार दोनों को कटघरे में खड़ा किया है। कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी पुलिस प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस को जो कार्य करना चाहिए वह कार्य पुलिस नहीं कर रही है और इसके अलावा दूसरा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गुंडे बदमाशों पर पुलिस का खौफ होना चाहिए लेकिन प्रदेश में ऐसा नहीं हो रहा है।
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