राजधानी देहरादून में एनजीटी के आदेश के बाद मलिन बस्तियों में अतिक्रमण पर एक बार फिर से कार्रवाई शुरू हुई है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से बस्तियों का विस्तार कर सैकड़ों नए भवन बनाए गए हैं। वर्ष-2016 के बाद किए गए निर्माण नियमानुसार अवैध करार दिए गए हैं। इन्हीं भावनाओं को नगर निगम एमडीए प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्यवाही में तोड़ा जा रहा है। पिछले दिनों भी शहर में इसी तरह की कार्यवाही की गई थी। प्रशासन की कार्यवाही का स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया है उनका कहना है कि सरकार ने 2016 के बाद का आधार लिया है वह ठीक नहीं है बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपने घरों में बिजली पानी का कनेक्शन नहीं लगा पाए उनके घरों के लिए अन्य प्रमाण पत्र के आधार पर छूट दी जानी चाहिए। आपको बताने की प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सर्वे के लिए 2016 से पहले बिजली पानी के कनेक्शन और अन्य सरकारी सुविधाओं को आधार बनाया है और इसी को देखते हुए इन सभी निर्माण को अवैध करार कर उनको तोड़ा जा रहा है।
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