अल्मोड़ा की सल्ट विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक महेश जीना फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार मामला देहरादून नगर निगम का है, जहां विधायक महेश जीना और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दरअसल, सहस्त्रधारा रोड पर स्थित ट्रचिंग ग्राउंड बंद होने के बाद वहां से कूड़ा हटाने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। जिसको लेकर पिछले दिनों टेंडर निकाले गए। इस टेंडर में सल्ट विधायक महेश जीना के परिचित की कंपनी ने हिस्सा लिया था, लेकिन टेंडर खुलने के बाद महेश जीना के परिचित की कंपनी को बाहर कर दिया गया। टेंडर के अनुरूप महेश जीना के परिचित की कंपनी की शर्तें पूरी नहीं कर रहे थे, जिसके बाद विधायक महेश जीना पर आरोप लगे की वह अपने समर्थकों के साथ नगर निगम में पहुंचे और हंगामा कर दिया। वहीं इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी का कहना है। उत्तराखंड भाजपा के परिवार में एक और बाहुबली शुमार हो गए हैं। कांग्रेस की प्रवक्ता ने कहा की जिस तरह की शब्दावली और भाषा शैली का इस्तेमाल विधायक साहब कर रहे हैं उसका सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के द्वारा शॉर्ट लिस्टिंग में विधायक महेश जिना के बेटे को अनुपयुक्त पाया गया जिसको लेकर विधायक साहब आग बबूला हो गए और अभद्र भाषा पर उतर आए। इस पूरे प्रकरण में महेश जीना जिन्होंने अपने बेटे को लेकर सारे आरोपों को खंडन किया, और कहा कि इस पूरे प्रकरण में मेरे बेटे का अगर कहीं पर भी नाम हो तो मैं विधायकी से इस्तीफा दे दूंगा, वरना नगर आयुक्त अपना इस्तीफा दें।
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