उत्तराखंड में पांच हजार हैक्टेयर वन क्षेत्र में वन पंचायतों के जरिए जड़ी-बूटी रोपण का कार्य किया जाएगा। इसमें 500 वन पंचायतों को जोड़कर विकसित भारत के विजन को साकार करने की पहल की जा रही है। वन पंचायतों को ये कार्य अगले 10 साल के लिए दिया जा रहा है। देहरादून के मंथन सभागार में वन पंचायत की एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमे वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और वन पंचायत के प्रतिनिधियों से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। आपको बता दें कि वन पंचायतों का गठन, सीमांकन एवं प्रशासन राजस्व विभाग के पास है और पंचायती वनों के प्रबन्धन के लिए तकनीकी सहयोग का उत्तरदायित्व वन विभाग के पास है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन पंचायतें और मजबूत हो और ग्रामीणों की आय में वृद्धि के साथ रोजगार के अवसर मुहैया हो सके।
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