12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन में ‘रन फॉर योगा’ में हिस्सा लिया। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली और मेयर सौरभ थपलियाल भी मौजूद रहे। सीएम धामी ने कहा कि योग सिर्फ कसरत नहीं, स्वस्थ जीवन और सकारात्मक सोच का अभियान है। उन्होंने युवाओं से रोज योग करने और उत्तराखंड को योग-आयुर्वेद का ग्लोबल हब बनाने का संकल्प दोहराया। 21 जून को मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के उपरांत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।
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