उत्तराखंड में परिवहन विभाग की तरफ से बाइक रेंटल योजना चलाई जा रही है। इस योजना से उत्तराखंडवासियों का रोजगार भी बढ़ेगा और इसके साथ ही पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलेगा। बाइक रेंटल योजना एक ऐसी योजना है जिसको उत्तराखंड का कोई भी निवासी लाभ ले सकता है। परिवहन अधिकारी शैलेश तिवारी ने बताया कि बाइक रेंटल योजना में परिवहन विभाग से एक लाइसेंस लेना होता है और इसके कई मानक होते हैं, जिसमें की लाइसेंस धारक उत्तराखंड का वासी। उसके पास पांच गाड़ी टू व्हीलर होना अनिवार्य है और पार्किंग की व्यवस्था भी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही सभी गाड़ी कमर्शियल में रजिस्टर्ड होनी चाहिए। इससे पर्यटकों को भी लाभ मिलता है, क्योंकि उत्तराखंड में आने वाले पर्यटक एडवेंचर के रूप में भी इसको इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्यटक स्थल हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी आदि ऐसी जगहों पर यह योजना कारगर साबित हो रही है। अभी पूरे उत्तराखंड में 500 से भी ज्यादा लाइसेंस धारक हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर शिकायत भी आती है प्राइवेट नंबर पर बाइक चलाई जाती है। उन पर हम चालान की कार्यवाही के साथ साथ रेंटल बाइक लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही भी करते हैं।
उत्तराखंड परिवहन विभाग की ओर से चलाई जा रही है रेंटल बाइक योजना
Posted on by AJAY PANDEY

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