कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद रखने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। करोड़ों की संख्या में हर साल कांवड़िए हरिद्वार और ऋषिकेश में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस बीच कई बार विकट स्थिति भी देखने को मिलती है जब कांवड़िए गंगा की तेज धारा में नहाते वक्त डूबने लगते हैं। ऐसे में उन्हें बचाने के लिए एसडीआरएफ की कई टीमें गंगा घाटों पर पहले से ही मुस्तैदी के साथ तैनात की गई है। SDRF ने अब तक कांवड़ यात्रा के दौरान 05 दिनों में कुल 40 कावड़ियों को रेस्क्यू किया है और उन्हें डूबने से बचाया है। हरिद्वार में 04 टीमें नियुक्त की गई हैं, जिनमें कुल 24 डीप ड्राइवर्स जवान नियुक्त हैं। वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश क्षेत्र में 02 टीमें तैनात की गई है। जिनमें से एक टीम ढालवाला में रिजर्व रखी गई है। हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान डूबते कांवड़ियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने के लिए मुख्य आरक्षी आशिक अली, मुख्य आरक्षी जितेंद्र सिंह व आरक्षी शिवम को 02-02 हजार रुपये व कांगड़ा घाट पर तैनात समस्त SDRF टीम को रु 2,500 के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त कांगड़ा घाट पर तैनात पूरी SDRF टीम को पुरस्कृत करने हेतु उच्च अधिकारियों से भी अनुशंसा की गई है।
कांवड़ मेले में SDRF ने बचाई 40 कांवड़ियों की जान, जवानों को किया जाएगा पुरस्कृत
Posted on by AJAY PANDEY

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