उत्तराखंड में पिछले दिनों लगातार बारिश के बाद कुमाऊं के कई क्षेत्र जलमग्न हो गए। प्रदेश में रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से कई जगहों पर पुल टूट रहे हैं, सड़के अवरूद्ध हो गई हैं और नदी नाले उफान पर हैं। प्रदेश के पीडब्लूडी सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय ने बताया कि रामनगर में मोहान में जो पुल टूटा है वो अत्यधिक पानी और मलबे के आने से टूटा है हालांकि पुल को पहले भी रिपेयर कराया गया था और अब वैकल्पिक मार्ग बनाया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी सचिव ने जानकारी दी कि उत्तराखण्ड शासन ने पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए बैली ब्रिज के लिए भी व्यवस्था की है। कुमाऊं क्षेत्र के लिए 10 करोड़ से ज्यादा के बैली ब्रिज शासन ने खरीदे हैं। कोटद्वार में पिछले साल क्षतिग्रस्त हुए मालन नदी पुल को रिपेयर किया जा रहा है और इस साल बारिश में क्षतिग्रस्त पुलों के पास वैकल्पिक मार्ग को भी बनाया जा रहा है। अन्य पुलों को बनाने में एक साल का समय लग सकता है। प्रदेश के पीडब्ल्यूडी सचिव पंकज पाण्डेय ने जानकारी दी कि उत्तराखण्ड में 97 संवेदनशील पुल हैं जिनमें 84 की मरम्मत करने के लिए प्रस्ताव भेजा है। बाकी पुलों की जांच की जा रही है और ज़रूरत के अनुसार उनको बंद भी किया गया है। सचिव पंकज पाण्डेय ने बताया कि उत्तराखण्ड में 200 से ज्यादा लैंडस्लाइड जोन घोषित किये गए हैं। इसके इलावा क्लाउड बर्स्ट और लैंडस्लाइड की वजह से जो सड़कें बह जाती हैं उनको रिपेयर किया जाता है या वहां पर नई सड़क बनाई जाती है। पीडब्ल्यूडी की डेटा अनुसार अब तक 300 से ज्यादा सड़कें बाधित हो चुकी है, जिन्हे तेजी से खोला जा रहा है। अलग अलग स्थानों पर 450 जेसीबी लगाई गईं हैं।
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