उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि यात्रा से एक महीने पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लेना चाहिए था, लेकिन उस दौरान मुख्यमंत्री केंद्रीय नेताओं के सामने अपना चेहरा चमकाते रहे। चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए कई जगह पर यात्रा का पड़ाव होना चाहिए जिससे की तीर्थ यात्री वहां के मौसम और माहौल को समझ सके। तीर्थ यात्री 24 घंटे यात्रा कर रहे हैं और ऐसे में थकान और तापमान के चलते विपरीत असर पड़ रहा है और कई तीर्थ यात्राओं की इससे मौत भी हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री जानकी चट्टी और कई अन्य जगहों पर तीर्थ यात्रियों के लिए ठहराव होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य बातें भी कही है।
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