उत्तराखंड में बढ़ते वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए सरकार की ओर से जो नीति बनाई गई है वह पूरी तरह से सार्थक साबित नहीं हो पा रही है। एक ओर जहां विपक्ष के विधायक सरकार को बढ़ते वन्य जीव संघर्ष के मामलों को लेकर घेर रहे हैं, तो वहीं सत्ता पक्ष के विधायक महंत दिलीप रावत ने इस मामले में विधानसभा के विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग की है। भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत ने कहा कि रिहायशी इलाकों में वन्य जीवों का प्रवेश काफी खतरनाक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गुलदारों के हमलों के चलते काफी संख्या में लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में जंगली हाथी और बंदर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में इसके लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाकर इसके लिए ठोस नीति बनानी चाहिए।
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