श्री बद्रीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष पंडित आशुतोष डिमरी ने बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के मामले में मंदिर समिति की कार्यवाही का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह मामला संज्ञान में आया मंदिर समिति ने संज्ञान लेकर पहल की और जांच कमेटी गठित कर दी। उसके बाद मंदिर समिति ने संबंधित कर्मी को सस्पेंड कर दिया और कानून की दृष्टि से किसी को सस्पेंड करने के लिए प्रथम दृष्टया आरोपी की पुष्टि प्रतीत होती है। उन्होंने यह भी कहा है कि हर बात में मीडिया ट्रायल नहीं होनी चाहिए। पंडित आशुतोष डिमरी ने इस घटना पर कहा कि ऐसी घटनाओं से आस्था प्रभावित होती है और इस तरह की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे केदारनाथ हो, बद्रीनाथ हो, गंगोत्री हो, यमुनोत्री हो या फिर अयोध्या में रामलला का मंदिर हो या सोमनाथ का मंदिर हो कहीं पर भी इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बद्री केदार मंदिर समिति को आने वाले दिनों में दान के काउंटिंग के लिए और ट्रांसपरेंसी अपनाना चाहिए। बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बद्रीनाथ की घटना पर कहा कि ऐसी घटना से लाखों लाखों लोगों की आस्था प्रभावित होती है उन्होंने कहा कि जैसे ही यह मामला संज्ञान में आया वैसे ही मंदिर समिति ने इस पर कार्यवाही की। जाट समिति का गठन किया गया है इसके अलावा शासन स्तर पर भी जांच समिति का गठन किया गया है और आरोपी कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट के बाद जो लोग भी दोषी होंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और बीकेटीसी के पूर्वअध्यक्ष गणेश गोदियाल पर निशाना साधते हुए कहा कि गणेश गोदियाल लंबे समय तक कटक के अध्यक्ष रहे हैं। जिस कर्मचारी ने दान के पैसे की चोरी की है उसे मंदिर समिति में स्थाई कर्मचारियों के तौर पर नियुक्ति गणेश गोदियाल ने ही कराई थी। उन्होंने कहा कि जो स्थाई कर्मचारी है उसके आधार पर गणेश गोदियाल राजनीति कर रहे हैं और मंदिर समिति पर आरोप लगा रहे हैं। बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान को निजी बयान करार दिया है और कहा है कि बद्री केदार मंदिर समिति 1939 में बनी है। बद्रीनाथ, केदारनाथ लाखों की आस्था का केंद्र है। तीर्थ पुरोहित, हक-हकूकधारी यहां की पौराणिकता आस्था को संरक्षित करते हुए पीढ़ियों से कम कर रहे हैं।
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