महिला आरक्षण बिल को लेकर उत्तराखंड विधानसभा का जल्द बुलाया जा सकता है सत्र

महिला आरक्षण बिल को लेकर उत्तराखंड विधानसभा का जल्द बुलाया जा सकता है सत्र

उत्तराखंड में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य सरकार जल्द विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम के पक्ष में प्रस्ताव पास कर सकती है। सत्र में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। बीजेपी इस प्रक्रिया को अपने समर्थित क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों में भी दोहराएगी। 24 अप्रैल को देहरादून में महिला मोर्चा के नेतृत्व में विशाल जनाक्रोश रैली आयोजित की जाएगी। 25, 26 और 27 अप्रैल को जिला स्तर पर और 28, 29, 30 अप्रैल को मंडल स्तर पर आक्रोश रैली होगी। 25 अप्रैल तक प्रदेश के सभी जिलों में पत्रकार वार्ताएं होंगी। सभी जिला मुख्यालयों पर जनाक्रोश सम्मेलन और पार्टी के सभी 305 मंडलों में पदयात्राएं व सम्मेलन आयोजित कर जन-जन तक इस मुद्दे को पहुंचाया जाएगा।
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के उत्थान के बजाय उनके अधिकारों को कमजोर किया है। अधिनियम के विरोध में वोटिंग कर कांग्रेस ने देश की मातृशक्ति का अपमान किया है, जिसे देश की महिलाएं कभी स्वीकार नहीं करेंगी।
संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम के गिरने के बाद प्रधानमंत्री और भाजपा के तमाम नेता विपक्ष को दोषी ठहरा रहे हैं। इसको लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री सहित भाजपा पर पलटवार किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष के खिलाफ महिला विरोधी होने का नैरेटिव सेट करना चाहती थी। सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा इस बिल के पक्ष में थी तो बिल गिरते ही भाजपा महिला सांसदों के पास नारों वाली तख्तियां पहले से कैसे मौजूद थीं। इससे साफ है कि इसकी तैयारी एक-दो घंटे पहले हो चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा खुद इस बिल को गिराना चाहती थी, इसलिए पहले से तैयारी की गई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि भाजपा इस बिल को पास कराना चाहती तो किसी भी हद तक जाकर विपक्ष के सांसदों को तोड़कर बिल के समर्थन में वोट डलवा सकती थी। आगे कहा कि यही बिल यदि अडानी और अंबानी के पक्ष में होता तो भाजपा हर कोशिश करती और बिल पास हो जाता। उन्होंने कहा कि अब भाजपा नैरेटिव सेट नहीं कर सकती क्योंकि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पर विपक्ष को घेर रहे थे, तब उन्हीं के सोशल मीडिया पेज पर 50 प्रतिशत से ज्यादा लोग उन्हें ही खरी-खोटी सुना रहे थे। उन्होंने कहा कि अब लोग भाजपा का चाल और चरित्र समझ गए हैं।

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