देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी यानी आईएमए में आयोजित पासिंग आउट परेड में अंतिम पग भरते ही 481 जेंटलमैन कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बन गए। वहीं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स ने भी प्रशिक्षण पूरा कर अपनी-अपनी सेनाओं में शामिल होने का गौरव हासिल किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली। आइएमए के ऐतिहासिक मैदान में सुबह से ही उत्साह और गौरव का माहौल रहा। परेड की शुरुआत सुबह 6:40 बजे हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चैटवुड भवन पहुंचीं और परेड की सलामी ली। इस दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सेना और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने IMA की 158वीं पासिंग आउट परेड की सलामी ली। ड्रिल स्क्वायर पर जैसे ही राष्ट्रगान गूंजा, 481 जेंटलमैन कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट वर्दी की कसम खाकर अधिकारी बन गए। इस बार 9 महिला कैडेटों ने भी इतिहास रच दिया। सुबह 9 बजे ड्रिल स्क्वायर पर कंपनी सार्जेंट मेजर के आदेश पर कैडेट्स ने मोर्चा संभाला। राष्ट्रपति मुर्मू का काफिला पहुंचा तो पूरे परेड ग्राउंड ने एक साथ कदम से कदम मिलाकर सलामी दी। राष्ट्रपति ने परेड का निरीक्षण किया। एडजुटेंट के परेड, सावधान के बाद तलवारों की झनकार के साथ स्वॉर्ड ऑफ ऑनर विजेता विशाल कुमार के नेतृत्व में मार्चपास्ट शुरू हुआ। हर कदम में अनुशासन, हर निगाह में देश। सबसे भावुक पल अंतिम पग रहा। चार साल की मेहनत, पसीना और इंतज़ार एक कदम में अधिकारी वाली वर्दी। तभी आसमान से आर्मी हेलीकॉप्टरों ने पुष्पवर्षा की। परिजनों की आंखें नम और सीना गर्व से चौड़ा हो गया। राष्ट्रपति ने संबोधन में कहा कि आप सिर्फ सीमा के प्रहरी नहीं, 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास के संरक्षक हैं। तेजी से बदलते युग में नवाचार और नैतिकता के साथ आगे बढ़ो।
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