पर्वतीय शहरों में बढ़ रही जनसंख्या, ज्योतिर्मठ जैसे हालात के मुहाने पर खड़े हैं नैनीताल, मसूरी।
पर्वतीय शहरों में जनसंख्या बढ़ रही है।
नैनीताल, मसूरी, अल्मोड़ा, पौड़ी जैसे शहर ज्योतिर्मठ जैसे हालात के मुहाने पर खड़े हैं।
धारण क्षमता के हिसाब से भवन निर्माण पर नियंत्रण करना होगा।
उत्तराखंड के पर्वतीय शहरों में लगातार बढ़ रही जनसंख्या और भवनों की संख्या ने जोशीमठ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।
आज मसूरी, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी जैसे शहर इस बोझ से दबे हैं और ज्योतिर्मठ की भांति खतरे की जद में आ रहे हैं।
इन पर नियंत्रण के लिए ठोस नीति की दरकार है।
ज्योतिर्मठ में बीते वर्षों में हुए अनियोजित निर्माण ने हालात चिंताजनक बना दिए।
नियमविरुद्ध बहुमंजिला इमारतों ने इस चिंता को और गंभीर बना दिया।
उत्तराखंड के तमाम शहरों में इसी तरह से अनियोजित विकास बढ़ रहा है।
बीते 25 वर्षों में अल्मोड़ा, नैनीताल, मसूरी, पौड़ी जैसे शहरों में भारी विस्तार हुआ।
विस्तार के साथ ही यहां भारी बिल्डिंग मैटेरियल की भी एंट्री हुई।
+ There are no comments
Add yours