उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार गुरुवार को सेवानिवृत हो रहे हैं। उन्होंने पुलिस विभाग में सेवा के अपने अनुभवों को काफी बेहतर बताया। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया की वह रिटायरमेंट के बाद देहरदून में अपने लेखन के शौक को ज्यादा तवज्जो देंगे और आने वाले समय में और भी किताबे लिखेंगे जिसका फायदा उत्तराखंड पुलिस को मिल सकेगा। 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार 30 नवंबर को सेवा निवृत हो रहे हैं। अपनी विदाई से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत कर अपने अनुभव को साझा किया। इस मौके पर उन्होंने मीडिया का धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जो मीडिया उनका सहयोग किया है उसके लिए वह मीडिया के आभारी हैं। मीडिया से बात करते हुए डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि उनके 3 साल के कार्यकाल में बहुत सारी चुनौतियों का सामना उनको करना पड़ा है, जिन्हें उन्होंने बखूबी निभाया। जिसमें नशा, भिक्षावृत्ति और साइबर क्राइम ऐसे अपराध हैं जो समाज को खोखला कर रहे हैं उनको रोकने के लिए उन्होंने कई कड़े कदम उठाए। अशोक कुमार ने बताया कि उत्तराखंड में इन दोनों व्हाइट कॉलर क्राइम ज्यादा बढ़ रहा है। इसलिए पुलिस को इस तरह से काम करना होगा तभी जाकर अपराध पर अंकुश लग सकेगा। अपराध का ट्रेंड बदल रहा है लिहाजा पुलिस को भी उसी के हिसाब से अपने आप को मॉडर्न करना पड़ेगा।
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