उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक संस्थाओं की संबद्धता के नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। अक्टूबर 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 अधिसूचित किया गया था। इस अधिनियम में अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता और शैक्षिक उत्कृष्टता बढ़ाने के प्रावधान किए गए थे। पहले कक्षा 1 से 12 तक के सभी मदरसों को रामनगर शिक्षा परिषद से संबद्धता लेनी थी। राज्य में कुल 452 मदरसे हैं। इनमें से 400 से ज्यादा मदरसे सिर्फ कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई कराते हैं। इन मदरसों की मांग पर सरकार ने नियम बदला है। नए नियम के मुताबिक, अब कक्षा 1 से 8 तक संचालित अल्पसंख्यक संस्थाओं को जिला स्तरीय शिक्षा समिति या शासन द्वारा तय सक्षम अधिकारी से संबद्धता मिलेगी। वहीं कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों को पहले की तरह विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से ही संबद्धता लेनी होगी। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने बताया कि कैबिनेट ने इस व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। साथ ही अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में अध्यादेश लाने का अनुमोदन भी मंत्रिमंडल ने दिया है।
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