उत्तराखंड में मित्र पुलिस के मायने अब जमीन पर दिखने लगे हैं। गढ़वाल मंडल के IG राजीव स्वरूप से लेकर SSP देहरादून तक, वरिष्ठ अधिकारी खुद चलकर बुजुर्गों के पास पहुंच रहे हैं और मौके पर ही समस्याएं निपटा रहे हैं। युद्ध में देश की रक्षा करते हुए एक पैर गंवाने वाले रिटायर्ड कर्नल सोबन सिंह दानू से मिलने IG गढ़वाल राजीव स्वरूप खुद पहुंचे। बुजुर्ग कर्नल का हालचाल लिया और उनकी भूमि संबंधी समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही फोन कर मातहतों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। एक सैनिक का सम्मान और तुरंत न्याय के लिए IG की इस पहल ने पुलिसिंग का चेहरा बदल दिया। वहीं 84 वर्षीय बुजुर्ग अपनी शिकायत लेकर SSP ऑफिस पहुंचे। चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग को देख SSP देहरादून खुद ऑफिस से बाहर आए और उनके वाहन के पास जाकर शिकायत सुनी। मौके से ही थानाध्यक्ष बसंत विहार को कॉल कर वरियता के आधार पर जांच और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही निर्देश दिया कि थानाध्यक्ष खुद बुजुर्ग से संपर्क रखें और समय-समय पर घर जाकर कुशलक्षेम पूछें। SSP ने भरोसा दिलाया कि दून पुलिस हर कदम पर आपके साथ है।
उत्तराखंड में अब पुलिस का मतलब सिर्फ वर्दी नहीं, संवेदनशीलता भी है। जब IG और SSP जैसे बड़े अधिकारी खुद नियम बनकर जमीन पर उतरते हैं तो नीचे तक संदेश जाता है। बुजुर्गों को आदर देना, उनकी समस्या मौके पर सुनना और तुरंत एक्शन लेना यही असली मित्र पुलिस है।
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