उत्तराखंड में अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस वसूला जा रहा है। चारधाम यात्रा को देखते हुए विभाग को बड़े राजस्व की उम्मीद है, लेकिन कुछ शरारती तत्व इस सिस्टम में बाधा डाल रहे हैं। प्रदेश में ग्रीन सेस से रोज़ करीब 20 लाख रुपये की आमदनी हो रही है और अब तक 6 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। लेकिन एएनपीआर कैमरों की केबल काटने और बिजली कटौती जैसी समस्याएं वसूली में बाधा बन रही हैं। विगत 17 जनवरी 2026 से नारसन बॉर्डर और 15 फरवरी से अन्य बॉर्डर्स पर ग्रीन सेस वसूली शुरू हुई। विभाग का लक्ष्य सालभर में 100 करोड़ रुपये जुटाने का है।
डिजिटल सिस्टम से वसूली आसान हुई, लेकिन कई जगह कैमरों की केबल काटने के मामले सामने आए हैं। सीमित सर्वर स्पेस के कारण डेटा बैकअप भी सिर्फ एक दिन का है, जिससे आरोपियों की पहचान मुश्किल हो रही है। विभाग अब सर्वर क्षमता बढ़ाने, जनरेटर लगाने और बड़े यूपीएस की व्यवस्था करने की तैयारी में है, ताकि वसूली प्रभावित न हो।
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