राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आज दून बुक फेस्टिवल का भव्य आगाज़ हुआ। इस फेस्टिवल का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। 4 अप्रैल से 12 अप्रैल तक चलने वाले इस फेस्टिवल में साहित्य प्रेमियों के लिए लाखों पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध हैं। दून बुक फेस्टिवल साहित्य, भाषा और ज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एक खास मंच बनकर सामने आया है। यहां बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए विभिन्न विषयों की किताबें प्रदर्शित की गई हैं। फेस्टिवल का उद्देश्य नई पीढ़ी को किताबों से जोड़ना और पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज के एआई युग में भी किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के लिए पढ़ने की आदत बेहद जरूरी है। उन्होंने स्कूलों, संस्थानों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को इस फेस्टिवल में जरूर लेकर आएं ताकि वे किताबों के प्रति रुचि विकसित कर सकें। देहरादून में दून बुक फेस्टिवल में सीएम धामी ने कहा कि पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में बुके नहीं, बुक देने की परंपरा की शुरुआत की है। साथ ही स्कूली पाठ्यक्रम में हमारी विरासत एवं महान विभूतियां पुस्तक की शुरुआत की है। इससे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और दूसरा उनका ज्ञान भी बढ़ेगा।
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