उत्तराखंड में शहरी विकास को एक नई दिशा देने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने साफ किया है कि अब राज्य के शहरों का सौंदर्यकरण स्थानीय लोक और पर्वतीय संस्कृति के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास करना नहीं, बल्कि उस विकास में उत्तराखंड की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को भी शामिल करना है। कहीं मंत्री राम सिंह कैड़ा ने भारतीय जनता पार्टी और सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, वह उसे पूरी निष्ठा से निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जनता के हित में काम कर रही है और आगे भी हर निर्णय जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए नैनीताल का जिक्र किया, जहां पहले से ही पर्वतीय संस्कृति के अनुरूप कई संरचनाएं विकसित की गई हैं। इसी मॉडल को अब अन्य शहरों में भी लागू करने की योजना है, चाहे वह नगर निगम हो, नगरपालिका हो या नगर पंचायत। सरकार का प्रयास रहेगा कि छोटे से लेकर बड़े सभी शहरों में स्थानीय शैली को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य किए जाएं। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहरी ढांचे को इस तरह विकसित किया जाएगा जिससे पहाड़ी पहचान बनी रहे। इसके लिए विभाग की ओर से योजना तैयार की जा रही है और उपलब्ध समय में अधिकतम कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जो प्रदेश और जनता के हित में हों।
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