राजधानी देहरादून को पॉल्यूशन फ्री सिटी बनाने के लिए प्रदेश सरकार काफी संवेदनशील नजर आ रही है। इसके लिए सरकार ने पीएम ई- बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बढ़ाने की कवायद में जुटी है। सरकार की ओर से सबसे पहले राजधानी देहरादून को पॉल्यूशन फ्री सिटी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत दून में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सचिवालय और विधानसभा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए ई-बस सेवा की शुरुआत की है। ये बस सेवा केदारपुरम से विधानसभा होते हुए सचिवालय तक संचालित की जा रही है। यहां पर सचिवालय और विधानसभा के कार्मिकों के सरकारी आवास हैं। इस बस से सुबह कार्मिकों को कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा और बाद में शाम को उन्हें वापस आवास तक छोड़ा जाएगा। इस बस सेवा के जरिए सरकारी कर्मियों को सुविधा दी जा रही है और पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। सचिवालय और विधानसभा के कार्मिकों के लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की मांग सचिवालय संघ ने की थी। सचिवालय संघ के अध्यक्ष सुनील लखेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने संघ ने ये मांग की थी और सरकार ने इसे पूरा किया है। अभी एक महीने के ट्रायल के बाद इसके दायरे को यमुना कालोनी तक बढ़ाया जाएगा। यहां भी काफी संख्या ने सरकारी कर्मचारियों के सरकारी आवास हैं।
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