उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष, विधायकों की प्रतिक्रिया

0 min read

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पजर आयोजित रजत जयंती विशेष सत्र ऐतिहासिक बन गया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के दौरान सदन में एक अनोखा उत्साह और भावनात्मक माहौल देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्रियों, पूर्व सांसदों, वर्तमान सांसदों विधायकों और गणमान्य लोगों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण युवाओं की ऊर्जा और मातृशक्ति के बल पर हुआ है। यह राज्य संघर्ष, समर्पण और सेवा की भावना से आगे बढ़ा है।

हरिद्वार से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस सत्र को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 सालों में राज्य ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

विधानसभा में मौजूद विधायक भी इस ऐतिहासिक क्षण से अभिभूत दिखे। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि रजत जयंती वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत मिशन’ से जुड़ा एक स्वर्णिम अध्याय है। उत्तराखंड इस मिशन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार अगले 25 वर्षों के रोडमैप पर काम कर रही है। लक्ष्य है—उत्तराखंड को हर दिशा में अग्रणी राज्य बनाना।

इस अवसर पर महिला विधायक भी पारंपरिक परिधानों में नजर आईं। गहनों और लोक आभूषणों से सजीं ये जनप्रतिनिधि उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति का जीवंत प्रतीक बनीं। नैनीताल विधायक सरीता आर्य ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में महिलाओं ने हर क्षेत्र में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य की उन्नति में महिला शक्ति सबसे बड़ा आधार बनी है।

वहीं केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले वर्षों में यह राज्य उदाहरण बनेगा।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि रजत जयंती वर्ष सिर्फ उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए संकल्प का अवसर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने नई नीति, नई दिशा और नई सोच के साथ प्रगति की मजबूत नींव रखी है।

वहीं विधायक खजानदास ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। रजत जयंती वर्ष इस यात्रा का प्रतीक है, जिसने राज्य को नई पहचान दी है।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours