उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के मतदान के बाद अब निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि 15 मई से पहले 99 नगर निकायों में चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो सकती है। जिसको लेकर तमाम राजनीतिक दल ने अपनी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आपको बता दें कि उत्तराखंड में कुल 102 नगर निकाय हैं, जिनमे 99 निकायों में चुनाव होते हैं और तीन निकायों में प्रशासक की भूमिका होती है। निकाय चुनाव से पहले लगातार लोगों की शिकायतें मिल रही हैं कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून की डीएम सोनिका से मिलकर उन्हें इस बावत एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि हमें कई शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि निकाय चुनाव को लेकर वोटर लिस्ट में धांधली की जा रही है। वहीं देहरादून की डीएम सोनिका ने इस पर साफ किया कि सभी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। आपको बता दें कि प्रदेश में निकाय चुनाव नवंबर में होने थे, लेकिन आरक्षण को लेकर स्थिति साफ न होने से चुनाव निर्धारित समय पर नहीं हो पाए। हालांकि प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर साफ किया है कि जून तक निकाय चुनाव करा लिए जाएंगे। वहीं लोकसभा चुनाव में पहले चरण में उत्तराखंड में मतदान के बाद अब बीजेपी का फोकस निकाय चुनाव के लिए है। इसके लिए संगठन तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि मतदाताओं की अंतिम सूची में छूटे नामों को जोड़ने को पार्टी ने प्राथमिकता से लिया है। साथ ही प्रत्याशी चयन को फाइनल करने के लिए पार्टी आरक्षण पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। वहीं प्रत्याशियों के चयन के लिए कमेटी बनेगी जो हर क्षेत्र से प्रत्याशियों के तीन – तीन नामों की सूची तैयार करेगी।
निकाय चुनाव के वोटर लिस्ट पर राजनीतिक दलों का फोकस
Posted on by AJAY PANDEY

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