बिहार से देहरादून लाए गए 50 बच्चों का मामला सामने आया है। आरोप है कि इन बच्चों को मदरसे में पढ़ाने के नाम पर लाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे संदिग्ध मानते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंहनगर और नैनीताल के डीएम को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सभी मदरसों में वेरिफिकेशन ड्राइव चलेगी। इस बीच मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने भी सीएम के निर्देश का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के जांच के निर्देश का हम समर्थन करते हैं। बिहार से लाए गए बच्चों के डॉक्यूमेंट चेक हों, परिजनों से जानकारी ली जाए। सभी मदरसा संचालक नियमों से ही काम करें।
आपको बता दें कि आगामी जुलाई महीने से उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म हो जाएगा और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण काम करना शुरू कर देगा
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