राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में चल रही तीन दिवसीय बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। मेडिकल एजुकेशन यूनिट की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में एमबीबीएस पाठ्यक्रम को अधिक प्रभावी, छात्र केंद्रित और आधुनिक बनाने पर मंथन किया गया। कॉलेज के काउंसिल हॉल में 29 जनवरी से हुई इस कार्यशाला में दून मेडिकल कॉलेज और अन्य मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न विभागों के 30 चिकित्सक शिक्षकों ने हिस्सा लिया। एनएमसी द्वारा नामित रिसोर्स फैकल्टी ने प्रतिभागियों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, प्रभावी टीचिंग-लर्निंग स्ट्रेटजी और पाठ्यक्रम नियोजन के नए तरीकों का प्रशिक्षण दिया। शिक्षकों को यह भी बताया गया कि छात्रों का मूल्यांकन नई तकनीकों के जरिए कैसे बेहतर किया जा सकता है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने सभी को मेडिकल एजुकेशन में अकादमिक ग्रोथ और नेटवर्किंग के महत्व के बारे में जानकारी दी। इस दौरान एनएमसी द्वारा नामित कोर्डिनेटर डॉ. संजय दास, एमईयू कोर्डिनेटर डॉ. शशि उप्रेती, प्रो. जॉली अग्रवाल, प्रो. अनिल जोशी, प्रो. अतुल कुमार सिंह, प्रो. गजाला रिज़वी, डॉ. ऋचा सिन्हा, डॉ. शिव कुमार यादव और डॉ. अंकिता जुयाल मौजूद रहे।
एमबीबीएस की पढ़ाई को आधुनिक एवं छात्र केंद्रित बनाएं
Posted on by M.ADMIN
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