उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता (UCC) दिवस समारोह 2026 में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है और इसके तहत बड़ी संख्या में लोगों ने विवाह पंजीकरण कराया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यूसीसी आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए पूर्ण न्याय का कानून है और इसके माध्यम से हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की यह पहल अब पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन रही है और अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की दिशा में काम चल रहा है। सीएम धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता समानता, न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड से यूसीसी की गंगोत्री निकली है, जो देश को समान कानून की दिशा में आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी के लागू होने से राज्य में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा होगी और उन्हें समान न्याय मिलेगा। इस पहल से राज्य में सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं के सशक्तिकरण को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि समान नागरिक संहिता के लागू होने से राज्य में अपराध दर में कमी आएगी और न्याय व्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह कानून राज्य के विकास और प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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