आधुनिक भारत के डिजिटल युग में सरकारें आम जन मानस को जितनी सुविधायें दे रही हैं, वही सुविधाएं कई बार तकनीकी दिक्कतों के कारण ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन जाती है। रुद्रप्रयाग जनपद के बावई गाँव की गरीब विधवा रैजा देवी पिछले 15 वर्षों से आधार सेंटरों के चक्कर काट रही है पर उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है, जिससे वह राज्य व केन्द्र सरकार की योजनाओं से वंचित है। रैजा देवी की कहानी अकेली नहीं है, देश में कई लोग आधार कार्ड से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं का मुख्य कारण तकनीकी गड़बड़ियां और प्रशासनिक लापरवाही है। रैजा देवी के मामले में, जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने तत्परता दिखाते हुए समस्या का समाधान निकाला और उनका आधार कार्ड बनाने के लिए पुनः आवेदन करवाया है। अब देखना यह है कि रैजा देवी को जल्द ही उनका आधार कार्ड मिलता है और वे सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा पाती हैं या नहीं। आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में आ रही समस्याओं को देखते हुए, सरकार और संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वे इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए काम करें। इसके लिए तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करने और प्रशासनिक स्तर पर सुधार लाने की आवश्यकता है। साथ ही, आम जनता को भी आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी और इसके महत्व के बारे में जागरूक करना जरूरी है।
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