पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ तथा अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरूगेशन ने चारधाम यात्रा की तैयारियों के तहत केदारनाथ और बदरीनाथ दोनों धामों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए। डीजीपी ने साफ किया कि चारधाम यात्रा राज्य की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है, अतः इसकी प्रत्येक व्यवस्था को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-केंद्रित बनाना हम सबकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। केदारनाथ में इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु टोकन व्यवस्था लागू की गई है।डीजीपी ने निर्देश दिए कि टोकन काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए, पी.ए. सिस्टम से निरंतर सूचनाएं प्रसारित हों और टोकन नंबर, स्लॉट व अन्य जानकारियां स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित की जाएं, ताकि दर्शन प्रक्रिया को और सहज बनाया जा सके। भीड़ नियंत्रण और पुलिस प्रबंधन की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि ड्यूटी चार्ट व्यवस्थित हों, और हर अधिकारी/कर्मचारी को अपने दायित्व स्पष्ट रूप से ज्ञात हों। साथ ही एटीएस व पैरा मिलिट्री बलों के समुचित समन्वय से धाम की सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ की जाए।
बदरीनाथ धाम में अधिकारियों के साथ उन्होंने समस्त व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। यात्रा मार्ग, संचार व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, पुलिस आवासीय व्यवस्था तथा मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने तीर्थयात्रियों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए निर्देशित किया कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों एवं बीमार श्रद्धालुओं के लिए मंदिर समिति से समन्वय कर विशेष सहायता व्यवस्था की जाय।
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