उत्तराखंड विधानसभा सत्र के चौथे दिन भोजनावकाश के बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई। इससे पहले सदन में नियम 58 के तहत आरक्षण पर चर्चा हुई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, सरकार सीधे तौर पर आरक्षण खत्म करना चाहती है। वहीं संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा, आरक्षण की मूल भावना में कोई बदलाव नहीं होगा। किसी को भी इससे नुकसान नहीं होगा। जिस भर्ती का रिजल्ट जारी हो जाएगा, एक माह के भीतर जॉइनिंग दी जाएगी। अगर निर्धारित अवधि में जॉइन नहीं किया तो उसका अभ्यर्थन निरस्त करते हुए, उसी रिजल्ट के दूसरे अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि आरक्षण सही नहीं दिया गया। वहीं प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा, स्वीकृत पदों के सापेक्ष ही आरक्षण का प्रावधान है। रिक्तियों में आरक्षण का प्रावधान नहीं है। विधानसभा में देर रात तक चली कार्रवाई के दौरान राज्य सरकार के वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट पर चर्चा शुरू हो गई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बजट को दिशाहीन बताया। उन्होंने कहा, बजट समावेशी नहीं है, निराशावादी है। इसमें शब्दों की बाजीगरी की गई है। रोडमैप नहीं है, जो यथार्थ से परे है। नेता प्रतिपक्ष ने इसे लक्ष्यविहीन बजट बताते हुए कहा कि इसमें संभावनाओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने इसे किसान विरोधी बताया। संसदीय कार्यमंत्री ने बजट को जनउपयोगी व राज्य के विकास में मील का पत्थर करार दिया।
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के चौथे दिन भोजनावकाश के बाद बजट पर चर्चा
Posted on by AJAY PANDEY

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