सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 95वीं बैठक सम्पन्न

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देहरादून। सचिवालय सभागार में सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 95वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 30.09.2025 तक की प्रगति की समीक्षा की गई।

 

 

*सीडी रेशियो बढ़ाने और डिजिटल फ्रॉड पर सख्ती के निर्देश*

*कम सीडी रेशियो वाले जनपदों को तत्काल सुधार के निर्देश*

 

सचिव ने जिन जनपदों का सीडी (क्रेडिट-डिपॉजिट) रेशियो कम है, उन्हें तत्काल सुधार कर अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल फ्रॉड एवं साइबर सुरक्षा के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा तथा संबंधित एनफोर्समेंट एजेंसियों के समन्वय से लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि राज्य में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु आरसेटी, एसएलआरएम, पीएमकेवीवाई एवं एनजीओ के माध्यम से जागरूकता कैंप चलाएं।

 

*डिजिटलाइजेशन एवं सामाजिक समावेशन पर विशेष जोर*

 

31 मार्च 2026 तक 100% डिजिटलीकरण का लक्ष्य

सचिव ने निर्देशित किया कि जिन 9 जनपदों में अभी तक शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण नहीं हुआ है, वहां 31 मार्च 2026 तक पूर्ण डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए।

वर्तमान में अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ एवं पौड़ी जनपदों में पूर्ण डिजिटलीकरण हो चुका है।

राज्य में 5,77,073 किसानों को सितंबर 2025 तक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। पशुपालन हेतु 1,08,514 पशुपालकों तथा मत्स्य पालन हेतु 2,947 मत्स्य पालकों को भी केसीसी जारी किए गए हैं।

सितंबर 2025 तक 40,23,448 पीएमजेडीवाई खाते तथा 9,30,058 एपीवाई खाते खोले गए हैं।

 

*स्वरोजगार, कौशल विकास और ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण पर पहल*

*बाजार उन्मुख प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के निर्देश*

सचिव ने बैंकों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष ऋण योजनाएं तैयार की जाएं। आर-सेटी के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भविष्य की बाजार एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदाता कंपनियों से टाई-अप कर रोजगार उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य ₹55,174 करोड़ के सापेक्ष बैंकों द्वारा ₹31,994 करोड़ (58%) की प्रगति दर्ज की गई। शिक्षा ऋण योजना के तहत 8,850 आवेदकों को ₹202.82 करोड़ का ऋण वितरित किया गया।

बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति इस प्रकार रही—

 

पीएम स्वनिधि: लक्ष्य ₹ 40,005 करोड़ के सापेक्ष ₹ 42,861 करोड़ (107%)

 

ए.आई.एफ: 157 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 432.52 करोड़ (77%)

 

पीएम अजय: ₹166 करोड़ के सापेक्ष 78 करोड़ (47%)

 

मुद्रा योजना: ₹4010 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष ₹1686 करोड़ (42%)

 

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वाहन योजना: 150 करोड़ के सापेक्ष 60 करोड़ (40%)

 

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली गैर-वाहन योजना: 100 करोड़ के सापेक्ष 34 करोड़ (34%)

 

दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना: 245 करोड़ के सापेक्ष 61करोड़ा (25%)

 

एमएसएमई 2.0 योजना: 8000 करोड़ के सापेक्ष 1744 करोड़ (22%)

बैठक में अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, श्री हिमांशु खुराना, श्री अभिषेक रोहेला, श्री प्रकाश चंद्र, सुश्री झरना कमठान, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरविंद कुमार, एजीएम श्री दीपक मंमगाई, श्री पंकज यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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