उत्तराखंड में भारी बारिश और तूफान से दो की मौत, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

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उत्तराखंड में मौसम के तेवर तल्ख हो गए हैं। गुरुवार को कुमाऊं में आकाशीय बिजली गिरने और बोल्डर की चपेट में आकर दो व्यक्तियों की मौत हो गई। गढ़वाल में नदी-गदेरे उफान पर आने से आसपास के क्षेत्रों में लोग घर छोड़ सुरक्षित इलाकों का रुख कर रहे हैं। जगह-जगह भूस्खलन से आवाजाही भी प्रभावित हो गई है। साथ ही ओलावृष्टि व अंधड़ से फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेशभर में भारी बारिश, ओलावृष्टि व आकाशीय बिजली चमकने के साथ अंधड़ को लेकर चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड में दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ से जनजीवन प्रभावित है। कुमाऊं में सुबह खेत पर गए नानकमत्ता के कोंदाखेड़ा निवासी अर्जुन सिंह पुत्र मुख्तयार सिंह दोपहर में वहीं मृत मिले। स्वजन के मुताबिक बिजली गिरने से उनकी मौत हुई। वहीं, द्वाराहाट ब्लाक के घुने क्षेत्र में वर्षा के बाद पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। इसमें लोडर मशीन के चालक झारकुड़ी गांव थाना नूह (हरियाणा) निवासी करतार सिंह पुत्र राम सिंह बोल्डर की चपेट में आ गए और दबकर उनकी मौत हो गई।
इधर, नैनीताल के समीपवर्ती घटगढ़, खमारी व जलालगांव में अंधड़ से दो आवासीय मकानों व चार गोशालाओं की टिन की छतें उड़ गईं। क्षेत्र में कई जगह मलबे और क्षतिग्रस्त पेड़ों की चपेट में आने से मवेशी भी मारे गए। ओलावृष्टि से प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में फल व सब्जी समेत रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। गढ़वाल में रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद के विभिन्न हिस्सों में लगातार दूसरे दिन वर्षा-ओलावृष्टि से नुकसान हुआ। भारी वर्षा से केदारघाटी में गदेरे उफान पर आ गए। भीरी में सड़क किनारे खड़ी एक कार गदेरे के तेज बहाव में बह गई। गनीमत रही कि उस समय कार में कोई मौजूद नहीं था। जबकि, गौरीकुंड हाईवे मलबा आने से अवरुद्ध हो गया।

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